Coronavirus के प्रकोप से जुड़े हर सवाल और सच्चाई पर पेश है एक नजर...
Coronavirus Prevention: आपके आसपास भी नहीं फटकेगा ये वायरस, करें ये 8 जरूरी काम
लाखों लोग इससे संक्रमित हैं और हजारों लोगों की मौत हो चुकी है। भारत में भी कोरोना वायरस के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। चूंकि इसका इलाज या टीका अब तक खोजा नहीं जा सका है, ऐसे में सिर्फ प्रिकॉशन लेकर ही इससे बचा जा सकता है।
नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Coronavirus disease -
COVID-19) के संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्या 59,160 हो गई है. विश्व
स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे महामारी घोषित कर दिया है. कोरोना वायरस के
संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए इसके लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है.
लक्षणों को पहचानकर ही कोरोना वायरस को काबू में किया जा सकता है.
लिहाजा इन जरूरी बातों का ध्यान रखें
इस वक्त मौसम तेजी से बदल रहा है और इस चेंजिंग वेदर में सर्दी-जुकाम और सामान्य फ्लू होना आम बात है। लेकिन अब इस Coronavirus ने सभी लोगों के मन में डर का माहौल पैदा कर दिया है। हर कोई इस वायरस से बचने के उपाय अपनाना चाहता है लेकिन डर का माहौल इतना है कि हल्की खांसी या जुकाम में भी लोग दहशत में आ रहे हैं। क्योंकि कोरोना वायरस के लक्षण भी कॉमन कोल्ड जैसे ही हैं, सर्दी, नाक बहना, खांसी, बुखार, आदि इस वजह से भी लोगों के लिए इस बीमारी को पहचानना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में बेहद जरूरी है कि घबराने और पैनिक होने की बजाए आप जागरुक बनें। वायरस से बचने के लिए जो जरूरी काम करना है उसके बारे में हम आपको यहां बता रहे हैं...
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कोरोना वायरस का फिलहाल कोई इलाज या टीका मौजूद नहीं है इसलिए इस वायरस से बचना ही सबसे बेहतर बचाव का तरीका है। लिहाज आपने देखा होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोगों से यही अपील कि है कि कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए लोग किसी भी तरह की बड़ी सोशल गैदरिंग में जाने से बचें। डॉक्टर भी सलाह दे रहे हैं कि शादी पार्टियों और फैमिली गेट टु गेदर करने से बचें ताकि वायरस के फैलने के खतरे से बचा जा सके।
कोरोना वायरस से बचने के लिए क्या करें:
1. व्यक्तिगत स्वच्छता और शारीरिक दूरी बनाए रखें।
2. बार-बार हाथ धोने की आदत डालें। साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड रब का इस्तेमाल करें।
3. साफ दिखने वाले हाथों को निरंतर धोएं।
4. छींकते औरर खांसते समय अप नी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढंकें।
5. उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंकें।
6. बातचीत के दौरान व्यक्तियों से एक सुरक्षित दूरी बनाए रखें, विशेष रूप से फ्लू जैसे लक्षण दिखने वाले व्यक्तियों के साथ।
7. अपनी कोहने के अंदरूनी हिस्से में छींके, अपने हाथों की हथेलियों में न खासें।
8. अपने तापमान को और श्वसन लक्षणों की जांच नियमित रूप से करें। अस्वस्थ्य
महसूस करने पर (बुखार, सांस लेने में कठिनाई और खांसी) डॉक्टर से मिलने के
दौरान, अपने मुंह और नाक को ढंकने के लिए मास्क का प्रयोग करें।
9. खांसने-छींकने वालों से कम से कम 1मीटर (3 फ़ीट) दूर ही रहिये.
क्या नहीं करें:
1. हाथ न मिलाएं।
2. अगर आपको खांसी और बुखार महसूस हो रहा है तो किसी के साथ निकट संपर्क में न आएं।
3. अपनी आंख, नाक और मुंह को स्पर्ष न करें।
4. हाथों की हथेलियों में न छींके और न ही खासें।
5. सार्वजनिक रूप से न थूकें।
6. अनावश्यक यात्रा न करें, विशेषकर प्रभावित इलाकों में।
7. समूह में न बैठें, बड़े समारोहों में भाग न लें।
8. जिम, क्लब और भीड़-भाड़वाली जगहों पर न जाएं।
9. अफवाह और दहशत न फैलाएं।
भारत में कोरोना वायरस की स्थिति
भारत में कोरोना वायरस के अब तक करीब 2000 मामले सामने आ चुके हैं।
महाराष्ट्र और केरल में कोरोना के अब तक सबसे ज्यादा मामला सामने आया है।
वहीं नोएडा में 50 se v jyade mamle samne आ चुके हैं। कोरोना को देखते हुए कई
राज्यों में स्कूल-कॉलेजों को बंद कर दिया गया है और कई एहतियात बरती जा
रही हैं।
कोरोना की पहचान के लिए इन लक्षणों पर गौर करें
तेज बुखार आनाः अगर किसी व्यक्ति को सुखी खांसी के
साथ तेज बुखार है तो उसे एक बार जरूर जांच करानी चाहिए. यदि आपका तापमान
99.0 और 99.5 डिग्री फारेनहाइट है तो उसे बुखार नहीं मानेंगे. अगर तापमान
100 डिग्री फ़ारेनहाइट (37.7 डिग्री सेल्सियस) या इससे ऊपर पहुंचता है तभी
यह चिंता का विषय है.
कफ और सूखी खांसीः पाया गया है कि कोरोना वायरस कफ होता है मगर संक्रमित व्यक्ति को सुखी खांसी आती है.
सांस लेने में समस्याः कोरोना वायरस से संक्रमित
होने के 5 दिनों के अंदर व्यक्ति को सांस लेने में समस्या हो सकती है. सांस
लेने की समस्या दरअसल फेफड़ो में फैलते कफ के कारण होती है.
फ्लू-कोल़्ड जैसे लक्षणः विश्व स्वास्थ्य संगठन
(WHO) के अनुसार कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर कभी-कभी बुखार, खांसी,
सांस में दिक्कत के अलावा फ्लू और कोल्ड जैसे लक्षण भी हो सकते हैं.
डायरिया और उल्टीः कोरोना से संक्रमित लोगों में डायरिया और उल्टी के भी लक्षण देखे गए है. करीब 30 प्रतिशत लोगों में इस तरह के लक्षण पाये गए हैं.
सूंघने और स्वाद की क्षमता में कमीः बहुत से मामलों में पाया गया है
कि कोरोना से संक्रमित लोगों को सूंघने और स्वाद की क्षमता में कमी आती है.
कोरोना वायरस से मृत्युदर
9 साल तक के बच्चों में- 0 प्रतिशत
10-39 वर्ष तक के लोगों में 0.2 प्रतिशत
40-49 वर्ष तक के लोगों में 0.4 प्रतिशत
50-59 वर्ष तक के लोगों में 1.3 प्रतिशत
60-69 वर्ष तक के लोगों में 3.6 प्रतिशत
60-69 वर्ष तक के लोगों में 3.6 प्रतिशत
70-79 वर्ष तक के लोगों में 8 प्रतिशत
80 से ज्यादा वर्ष के लोगों में 14.8 प्रतिशत
कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए WHO के 7 स्टेप्स
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सात आसान स्टेप्स बताए हैं, जिनकी मदद
से कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सकता है और खुद भी इसके इंफेक्शन से
बचा जा सकता है.
भारत सरकार ने भी जारी की एडवाइज़री
भारत सरकार ने भी कोरोना वायरस के लक्षण मिलने पर तत्काल स्वास्थ्य
केंद्र पर सूचना देने को कहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से 24 घंटे
चलने वाला कंट्रोल रूम तैयार किया गया है.
फोन नंबर 011-23978046 के माध्यम से कंट्रोल रूम में संपर्क किया जा
सकता है. इसके अलावा ncov2019@gmail.com पर मेलकर के भी कोरोना वायरस के
लक्षणों या किसी भी तरह की आशंकाओं के बारे में जानकारी ली जा सकती है.
कोविड-19 के बारे में बुनियादी जानकारीकोरोना वायरस
यानी कि Coronavirus disease (COVID-19) बहुत सूक्ष्म लेकिन प्रभावी वायरस
है. कोरोना वायरस मानव के बाल की तुलना में 900 गुना छोटा है. आकार में इस
छोटे वायरस ने पूरी दुनिया को डरा दिया है. दिसंबर 2019 में चीन के वुहान
शहर में नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) का पहला मामला जानकारी में आया.
इस संक्रमण से प्रभावित लोगों में बुखार, सर्दी-जुखाम, खांसी तथा सांस
लेने में तकलीफ पाई गई थी. डाक्टरों ने पाया ये लक्षण सार्स से काफी
मिलते-जुलते हैं. नोवल कोरोना वायरस (एनसीओवी/कोविड-19) कोरोना वायरस
परिवार का सातवां वायरस है. अब छह तरह के कोरोना वायरस सामने आए हैं. इसकी
अनुवांशिक संरचना 80 फीसदी तक चमगादड़ों में पाए जाने वाले सार्स वायरस
जैसी मिली.
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